सीमावर्ती युवाओं को मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण, स्वरोजगार के लिए किया प्रेरित
सुपौल :- नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB), वीरपुर की ओर से सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं के लिए आयोजित पांच दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हो गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम 21 से 25 सितंबर तक आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन 45वीं वाहिनी के द्वितीय कमान अधिकारी एवं कार्यवाहक कमांडेंट जगदीश कुमार शर्मा के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में किया गया। प्रशिक्षण के प्रथम चरण में जीवंत ग्राम बेनिलपट्टी एवं गद्दारमारी तथा दूसरे चरण में जीवंत ग्राम भीमनगर, शिवनगर एवं पांचपंडरिया के युवाओं को मधुमक्खी पालन से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान राघोपुर स्थित भारती मधु प्रा. लिमिटेड के प्रदीप कुमार भारती ने प्रतिभागियों को मधुमक्खी पालन की मूलभूत जानकारी दी। उन्होंने मधुमक्खियों के पालन-पोषण, छत्तों के रखरखाव, मधु उत्पादन तथा मधुमक्खी पालन को स्वरोजगार के रूप में अपनाने की व्यावहारिक जानकारी भी दी।
कार्यक्रम का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं का कौशल विकास कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना तथा कृषि आधारित व्यवसाय के माध्यम से आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को कम लागत में मधुमक्खी पालन शुरू करने और इसे रोजगार के साधन के रूप में विकसित करने की जानकारी दी गई।
45वीं वाहिनी SSB की ओर से सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं एवं ग्रामीणों के कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए समय-समय पर विभिन्न नागरिक कल्याण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए सीमावर्ती समुदाय के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
