पूर्वोत्तर भारत में रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में जारी प्रयासों के तहत पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (निर्माण) के महाप्रबंधक आशीष बंसल ने महत्वपूर्ण बइरबी–सैरांग नई रेल लाइन परियोजना का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रोजेक्ट की वर्तमान प्रगति, परिचालन तैयारियों और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की।
एनएफआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) कपिंजल किशोर शर्मा के अनुसार, महाप्रबंधक ने बदरपुर से सैरांग रेल खंड तक विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण कर ट्रैक और सिग्नलिंग व्यवस्था का प्रत्यक्ष आकलन किया।
सैरांग में मेंटेनेंस और बुनियादी सुविधाओं का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने सैरांग स्टेशन पर ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन और रखरखाव से जुड़े अहम निर्माण कार्यों का जायजा लिया:
- वॉशिंग पिट और सिक लाइन: ट्रेनों के कोचों की नियमित सफाई, तकनीकी सर्विसिंग और त्वरित मरम्मत के लिए बन रही वॉशिंग पिट व सिक लाइन के कार्यों की समीक्षा की गई। इसके तैयार होने से ट्रेनों की विश्वसनीयता और सुरक्षा मानकों में सुधार होगा।
- स्टाफ क्वार्टर: रेलवे कर्मचारियों के रहने के लिए बनाए जा रहे नए आवासीय परिसरों की स्थिति परखी गई, ताकि परिचालन से जुड़े कर्मियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
मिजोरम के मुख्यमंत्री से अहम बैठक
दौरे के क्रम में 23 सितंबर को महाप्रबंधक आशीष बंसल ने मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा से शिष्टाचार भेंट की। इस बैठक में राज्य में रेल कनेक्टिविटी के तेजी से विस्तार, बइरबी–सैरांग प्रोजेक्ट को तय समयसीमा में पूरा करने और भविष्य की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
समयसीमा और सुरक्षा पर जोर
महाप्रबंधक ने निर्माण कार्य में लगे इंजीनियरों, पर्यवेक्षकों और कर्मचारियों के साथ संवाद करते हुए निर्देश दिया कि सुरक्षा (Safety), परिचालन क्षमता और यात्री सेवा के उच्च मानकों से समझौता किए बिना सभी शेष कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। यह रेल लाइन मिजोरम की राजधानी आइजोल को सीधे राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
