रैक पॉइंट के पूर्वी निकास द्वार से दुर्गा स्थान तक 368 वर्ग मीटर भूभाग की हुई बंदोबस्ती, फुटकर विक्रेताओं को मिलेगा व्यवस्थित दुकान लगाने का अवसर
खगड़िया। सन्हौली दुर्गा स्थान के सामने रेलवे की दशकों से बेकार पड़ी जमीन से अब रेलवे को 60 लाख रुपये की आमदनी होगी। वहीं, इस जमीन पर दुकान लगाने वाले फुटकर विक्रेताओं को भी रोजगार का अवसर मिलेगा।
रेल मंडल सोनपुर के डीआरएम अमित शरण एवं सीनियर डीसीएम धीरज कुमार के नेतृत्व में बीते 31 अगस्त 2026 को खोली गई निविदा के आलोक में रैक पॉइंट के पूर्वी निकास द्वार से लेकर सन्हौली दुर्गा स्थान के समीप स्थित 368 वर्ग मीटर भूभाग की तीन वर्षों के लिए बंदोबस्ती की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, रेलवे की उक्त जमीन की बंदोबस्ती आदर्श सिक्योरिटी सॉल्यूशन, बेगूसराय के प्रोपराइटर मनोहर कुशवाहा के नाम 60 लाख रुपये में की गई है। बंदोबस्तधारी को उक्त भूभाग पर फुटकर विक्रेताओं को दुकान आवंटित करने का अधिकार दिया गया है। रेलवे द्वारा जमीन का आवंटन 5 अक्टूबर 2026 से 4 अक्टूबर 2029 तक तीन वर्षों के लिए किया गया है।
मालूम हो कि सन्हौली दुर्गा स्थान के सामने रेलवे की यह जमीन दशकों से बेकार पड़ी थी। उक्त भूभाग पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा रहने के साथ ही दर्जनों फुटकर विक्रेताओं द्वारा अवैध रूप से दुकानें संचालित की जा रही थीं। अब रेलवे द्वारा बंदोबस्ती किए जाने से एक ओर रेलवे को राजस्व की प्राप्ति होगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय फुटकर विक्रेताओं को व्यवस्थित रूप से दुकान लगाने का अवसर मिल सकेगा।
बंदोबस्तधारी मनोहर कुशवाहा ने बताया कि अगले माह की 10 तारीख तक अपने स्तर से फुटकर विक्रेताओं को दुकानों का आवंटन सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि दुकानों का व्यवस्थित आवंटन होने से विक्रेताओं को बार-बार हटाए जाने के भय से मुक्ति मिलेगी। साथ ही सड़क पर बेतरतीब दुकानें लगने से उत्पन्न जाम की समस्या के समाधान में भी मदद मिलेगी।
इधर, बंदोबस्तधारी की ओर से आईओडब्ल्यू, खगड़िया को पत्र देकर रेलवे द्वारा आवंटित भूभाग को चिह्नित कर अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि बंदोबस्तधारी जमीन का उपयोग करने की दिशा में आगे की कार्रवाई कर सकें।
रेलवे की वर्षों से अनुपयोगी पड़ी जमीन का व्यावसायिक उपयोग शुरू होने से राजस्व वृद्धि के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और बाजार व्यवस्था को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
