उदाकिशुनगंज, मधेपुरा
मधेपुरा:उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र के उदा स्थित उ. म विद्यालय के बाहर छात्र-छात्राओं के विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई शुरू कर दी है। वीडियो में दिख रहे सभी नाबालिगों की पहचान कर ली गई है। सात नाबालिगों के अभिभावकों को जेजे एक्ट के तहत नोटिस भेजा गया है। चार सोशल मीडिया हैंडल को भी नोटिस दिया गया है।
गुरुवार को पुलिस ने प्रेस रिलीज जारी की। इसके बाद एसडीपीओ पवन कुमार सिंह ने वीडियो बयान जारी किया।
एसपी संदीप सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण कर उदाकिशुनगंज थाना में प्रेसवार्ता की। एसपी ने बताया कि वायरल वीडियो 22 सितंबर का है। अर्द्धवार्षिक परीक्षा की प्रथम पाली समाप्त होने के बाद छात्र-छात्राएं घर जा रहे थे। स्कूल के बाहर एक किशोर बाइक लेकर खड़ा था। कुछ छात्रों को उसके स्कूल की छात्रा से मिलने आने का संदेह हुआ। इस पर पूछताछ शुरू हुई और अन्य छात्र-छात्राओं के पहुंचने पर बहस होने लगी। इसी दौरान किशोर की बाइक की चाबी निकाल ली गई। सूचना पर शिक्षक पहुंचे और सभी को समझाकर वहां से हटा दिया।पुलिस के अनुसार बहस के दौरान छेड़खानी या कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। बाद में वीडियो को अलग-अलग तरीके से प्रसारित कर जमुई और समस्तीपुर की घटनाओं से जोड़ दिया गया।
पुलिस जांच में एसडीपीओ, थानाध्यक्ष सुधाकर कुमार और सर्किल इंस्पेक्टर ने वीडियो में दिख रहे सभी नाबालिगों की पहचान की। अभिभावकों से बांड की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी विधि-सम्मत कार्रवाई की जा रही है। अन्य सोशल मीडिया और एजेंसियों को नोटिस के लिए साइबर डीसीपी को निर्देश दिया गया है।एसपी ने कहा कि केवल व्यू और लाइक के लिए घटना को गलत तरीके से बढ़ा-चढ़ाकर प्रसारित नहीं करना चाहिए। एआई या अन्य तकनीक से गलत सामग्री प्रसारित करना आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई का आधार बन सकता है। स्थानीय लोगों ने स्कूलों के आसपास मनचलों पर सख्ती की मांग की है।
कोट :
“वायरल वीडियो में सभी नाबालिग दिख रहे हैं। यह आपस में बहस का मामला है। अश्लील हरकत जैसी कोई बात नहीं है। अभिभावकों को नोटिस दिया गया है और वीडियो प्रसारित करने वालों पर भी कार्रवाई की गई है।”
संदीप सिंह, एसपी, मधेपुरा
