इस्लाम की तारीफ से विवाद? कर्नाटक के मंत्री के बोल पर संतों और नेताओं में ठनी
Last Updated:August 31, 2026, 14:49 IST
कर्नाटक के मंत्री बसवराज रायरेड्डी के ‘इस्लाम सभी धर्मों में श्रेष्ठ है’ वाले बयान पर सियासी और धार्मिक पारा चढ़ गया है. इस विवादित टिप्पणी के बाद विपक्षी दलों, संतों और खुद ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं की ओर से लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. एक तरफ जहां साधु-संतों ने सनातन धर्म को कमतर आंकने पर कड़ा ऐतराज जताया है, वहीं कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इसे इंसानियत और भारतीय संस्कृति से जोड़ते हुए इस्लाम को समझने की वकालत की है.

बसवराज रायरेड्डी ने इस्लाम को श्रेष्ठ धर्म बताकर विवाद खड़ा कर दिया. (एएनआई)
नई दिल्ली. कर्नाटक के मंत्री बसवराज रायरेड्डी ने हाल ही में बयान दिया है कि इस्लाम सब धर्मों में श्रेष्ठ है. सबको मस्जिद जाना चाहिए. बसवराज के इस बयान पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, कांग्रेस नेता उदित राज, सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा और जगत गुरु परमहंस आचार्य ने प्रतिक्रिया दी. इमरान मसूद ने कहा, “भारत की संस्कृति यही है, सबका सम्मान करना. सबको प्यार की नजर से देखना. यह भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा है. किसी के लिए भी मन में नफरत नहीं रखनी चाहिए. धर्म यही सिखाता है. कोई भी धर्म इंसानियत का संदेश देता है. जिन लोगों को इस्लाम के बारे में गलतफहमियां हैं, उन्हें इसे पढ़ना चाहिए तो आप समझ जाएंगे.”
कर्नाटक के मंत्री के बयान पर कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, “भारत अभिव्यक्ति की आजादी की गारंटी देता है. यह उनकी पसंद और निजी राय है. कोई ईसाई धर्म को महान मान सकता है. कोई यहूदी धर्म को, कोई इस्लाम को, कोई हिंदू धर्म को या कोई बौद्ध धर्म को, यह उनका निजी मामला है. उनकी समझ उनके नजरिए पर आधारित है, इसलिए उनसे सीधे पूछा जाना चाहिए. वरना यह पूरी तरह से उनकी निजी पसंद है.”
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कहा, “भारत का संविधान हर नागरिक को अपने धर्म और आस्था को मानने की आजादी देता है. यह उनका अधिकार है और हम किसी के अधिकार का उल्लंघन नहीं कर सकते. अगर कोई मक्का जाना चाहता है तो वह ऐसा करने के लिए आजाद है. हालांकि उन्हें वहां के सभी नियमों और कानूनों का पालन करना चाहिए. इससे किसी को कोई समस्या नहीं है.”
वहीं, जगत गुरु परमहंस आचार्य ने कर्नाटक के मंत्री बसवराज रायरेड्डी की इस्लाम की प्रशंसा करने वाली टिप्पणी की आलोचना की और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की. जगत गुरु परमहंस आचार्य ने कहा, “कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री का यह बयान कि इस्लाम सभी धर्मों से श्रेष्ठ है, उनकी मूर्खता को दर्शाता है. मंत्री को पता होना चाहिए कि इस्लाम धर्म ही नहीं है. अगर इस्लाम धर्म होता तो उसमें कोई धर्माचार्य होता. इस्लाम में मौलवी और इमाम और पीर होते हैं. इस्लाम धर्म नहीं, मजहब है. कर्नाटक के मंत्री का बयान साजिश और मूर्खतापूर्ण है. मंत्री के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए.”
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…
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New Delhi,Delhi
First Published :
August 31, 2026, 14:49 IST

