Close Menu
Dainik Bharat Bhoomi
    What's Hot

    मधेपुरा में यूट्यूब पत्रकारों सहित 10 पर गंभीर आरोप: 1 लाख की रंगदारी, लूटपाट और वीडियो वायरल करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज

    लोक गायिका नेहा सिंह राठौर के खिलाफ भ्रामक खबर पर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) सख्त, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से मांगी 15 दिनों में रिपोर्ट

    पटना: महासप्तमी पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किए मां दुर्गा के दर्शन, पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि की मांगी दुआ

    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, October 28
    Dainik Bharat Bhoomi
    Facebook X (Twitter)
    ePaper Login
    • देश
    • राज्य
      • बिहार
      • झारखण्ड
      • उत्तर प्रदेश
      • उत्तराखंड
      • मध्य प्रदेश
    • राजनीति
    • खेल
    • मनोरंजन
    • बिजनेस
    • एजुकेशन
    • ऑटो
    • टेक
    • धर्म
    • राशिफल
    • लाइफस्टाइल
    • कृषि
    • घरेलू नुस्खे
    Dainik Bharat Bhoomi
    ePaper
    • देश
    • राज्य
    • राजनीति
    • खेल
    • मनोरंजन
    • बिजनेस
    • एजुकेशन
    • ऑटो
    • टेक
    • धर्म
    • राशिफल
    • लाइफस्टाइल
    • कृषि
    • घरेलू नुस्खे
    अपराध एजुकेशन ऑटो कृषि खेल जॉब्स & करियर झारखण्ड टेक देश धर्म बिजनेस बिहार मनोरंजन राजनीति राशिफल लाइफस्टाइल स्वास्थ

    Bikaner News: बीकानेर का अश्व संग्रहालय है घोड़ों की दुनिया का गेटवे

    गौरव कबीरBy गौरव कबीरAugust 31, 2026Updated:August 31, 2026No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link LinkedIn Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    Last Updated:August 31, 2026, 14:44 IST

    Bikaner Hindi News: प्राचीन काल से लेकर वर्तमान समय तक घोड़ों की उपयोगिता, नस्लों और इतिहास की जानकारी यहां आधुनिक तरीके से प्रदर्शित की गई है। घोड़ों की शौर्य गाथाओं से लेकर उनकी वैज्ञानिक जानकारी तक, संग्रहालय में कई पहलुओं को तस्वीरों और आकर्षक डिस्प्ले के माध्यम से समझाया गया है. देशी और विदेशी पर्यटक यहां घोड़ों की विभिन्न प्रजातियों और उनके इतिहास से रूबरू होते है.

    अश्व संग्रहालय में लगा यह आकर्षक डिस्प्ले भारत में पाई जाने वाली घोड़ों की प्रमुख नस्लों की जानकारी देता है. नक्शे के माध्यम से बताया गया है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में कौन-कौन सी नस्ल के घोड़े पाए जाते हैं. भारत में मणिपुरी, मारवाड़ी, भूटिया, स्पीति, काठियावाड़ी, झंसकारी, सिंधी और भीमथड़ी जैसी प्रमुख नस्लों को मान्यता दी गई है. संग्रहालय में इन नस्लों की पहचान, विशेषताओं और उनके भौगोलिक क्षेत्र के बारे में जानकारी दी गई है. 

    राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र के अश्व संग्रहालय में घोड़ों की नस्लों और उनके इतिहास को बेहद आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया गया है. दीवारों पर लगे बड़े-बड़े डिस्प्ले और तस्वीरें दर्शकों को घोड़ों की दुनिया की पूरी जानकारी देते हैं. यहां ऐतिहासिक घोड़ों से लेकर विभिन्न नस्लों और उनके उपयोग तक के बारे में बताया गया है. संग्रहालय में घोड़ों से जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों को भी सरल भाषा और आधुनिक प्रस्तुति के जरिए समझाया गया है.

    अश्व संग्रहालय में घोड़ों से जुड़े शोध और वैज्ञानिक जानकारी को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है. दीवारों पर लगे पोस्टर और डिस्प्ले घोड़ों की नस्ल, रोग, पालन-पोषण और उनके व्यवहार से जुड़ी अहम जानकारियां साझा करते हैं. राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र में देश-विदेश से वैज्ञानिक शोध के लिए आते हैं और उच्च नस्ल के अश्वों व गर्दभों पर विभिन्न प्रयोग किए जाते हैं. संग्रहालय में इन शोध कार्यों की झलक भी देखने को मिलती है.

    Add News18 as
    Preferred Source on Google

    भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में अश्व और गदर्भका विशेष महत्व रहा है. अश्व संग्रहालय में प्रदर्शित यह जानकारी इसी सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है. पौराणिक कथाओं में सूर्य देव के सात घोड़ों का उल्लेख मिलता है, वहीं न्याय के देवता गोलू देवता को अश्व की सवारी करते हुए दिखाया जाता है. शीतला माता का वाहन गदर्भ माना गया है. इसके अलावा तेजाजी महाराज, रामदेवजी और अश्विनी कुमारों का संबंध भी घोड़ों से जुड़ा हुआ है.

    अश्व संग्रहालय में घोड़ों की ऐतिहासिक और वैज्ञानिक विरासत को एक साथ प्रस्तुत किया गया है. यहां देश की प्रमुख घोड़ा नस्लों के साथ-साथ उन घोड़ों की जानकारी भी दी गई है, जिन्होंने इतिहास में अपनी अलग पहचान बनाई. महाराणा प्रताप के प्रिय घोड़े चेतक से लेकर विभिन्न ऐतिहासिक शासकों और योद्धाओं के घोड़ों की विशेषताओं को संग्रहालय में दर्शाया गया है.

    अश्व संग्रहालय में घुड़सवारी से जुड़े पारंपरिक उपकरणों को भी खास जगह दी गई है. दीवार पर टंगे लगाम, चाबुक और अन्य साजो-सामान घुड़सवारी की पुरानी परंपरा की झलक दिखाते हैं. ये उपकरण बताते हैं कि घोड़े और घुड़सवार के बीच संबंध केवल सवारी तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक पूरी कला और अनुशासन जुड़ा हुआ था. संग्रहालय में आने वाले दर्शकों को यह समझने का मौका मिलता है कि एक घुड़सवार के लिए किन-किन वस्तुओं की आवश्यकता होती थी.

    न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|First Published :

    August 31, 2026, 14:44 IST

    Source

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Email Copy Link
    Previous Articleइस्लाम की तारीफ से भड़का विवाद? कर्नाटक के मंत्री के बोल पर संतों और नेताओं में ठनी
    Next Article कौन हैं अमीनुद्दीन खान? जिन्होंने अभिषेक बनर्जी की नाक में कर दिया दम!
    गौरव कबीर
    गौरव कबीर
    • Website

    गौरव कबीर एक समर्पित पत्रकार और समाचार क्षेत्र से जुड़े प्रोफेशनल हैं, जिनकी विशेष रुचि समसामयिक घटनाओं, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और जमीनी स्तर की खबरों में है। अपनी स्पष्ट और तथ्यपरक रिपोर्टिंग के लिए पहचाने जाने वाले गौरव कबीर महत्वपूर्ण समाचारों को सरल, संतुलित और पाठकों के लिए सहज भाषा में प्रस्तुत करने पर जोर देते हैं।

    Related Posts

    मधेपुरा में यूट्यूब पत्रकारों सहित 10 पर गंभीर आरोप: 1 लाख की रंगदारी, लूटपाट और वीडियो वायरल करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज

    October 20, 2026

    लोक गायिका नेहा सिंह राठौर के खिलाफ भ्रामक खबर पर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) सख्त, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से मांगी 15 दिनों में रिपोर्ट

    October 19, 2026

    पटना: महासप्तमी पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किए मां दुर्गा के दर्शन, पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि की मांगी दुआ

    October 19, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    Promotional Banner Dainik Bharat Bhoomi
    Latest Posts

    मधेपुरा में यूट्यूब पत्रकारों सहित 10 पर गंभीर आरोप: 1 लाख की रंगदारी, लूटपाट और वीडियो वायरल करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज

    लोक गायिका नेहा सिंह राठौर के खिलाफ भ्रामक खबर पर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) सख्त, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से मांगी 15 दिनों में रिपोर्ट

    पटना: महासप्तमी पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किए मां दुर्गा के दर्शन, पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि की मांगी दुआ

    मधेपुरा:मद्यनिषेध विभाग की बड़ी कार्रवाई: सघन छापामारी में अवैध शराब बरामद 03 अभियुक्त गिरफ्तार

    मधेपुरा में प्रिंस रंजन हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा: लूटपाट के दौरान मारी थी गोली, दो गिरफ्तार; हथियार देने वाला भी पुलिस की गिरफ्त में

    जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने बक्सर नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत दुर्गा पूजा स्थलों का किया संयुक्त निरीक्षण, सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था का लिया जायजा

    पूर्णिया में मद्यनिषेध विभाग का बड़ा एक्शन: 100 लीटर कोडीन कफ सिरप और विदेशी शराब के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार, दो कमरे सील

    नयानगर दुर्गा मंदिर में भव्य ‘भगवती महोत्सव’ शुरू कराने की मांग: MLC संजय सिंह को आशीष कुमार बाबुल ने सौंपा मांग पत्र

    Live Cricket Scores
    Facebook X (Twitter)

    Pages

    • About Us
    • Contact Us
    • Disclaimer
    • Privacy and Policy

    LINKS

    • Grievance Redressal
    • Terms and Condition
    • DNPA Code of Ethics
    • Submit News
    • Advertisement

    Services

    • कृषि
    • जॉब्स & करियर
    • बिजनेस
    • स्वास्थ
    • राजनीति
    • घरेलू नुस्खे
    • ग्राउंड रिपोर्ट
    • संपादकीय / विचार

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    © 2026 Dainikbharatbhoomi.com. All Rights Reserved

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Sign In or Register

    Welcome Back!

    Login to your account below.

    Lost password?