
Last Updated:August 31, 2026, 14:21 IST
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में स्वरोजगार शुरू करने के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है जिसके अंतर्गत जनपद में 30218 स्वयं सहायता समूह का गठन किया जाना है इसके अंतर्गत 4 लाख 85 हजार महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. बताते चलें कि वर्तमान में जनपद में 6854 स्वयं सहायता समूह का गठन किया जा चुका है जिसके जरिए लगभग 1 लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को इस मिशन से जोड़ा गया है.
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आजमगढ़: अब नौकरी ही नहीं बल्कि व्यापार के क्षेत्र में भी महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलकर आगे बढ़ रही है और तरह-तरह के व्यवसाय में अपनी अहम भूमिका भी सुनिश्चित कर रही है इसी तरह आजमगढ़ जनपद में भी महिलाओं को उद्यमी बनने के मकसद से ग्रामीण स्वरोजगार योजना के अंतर्गत जनपद की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित करने का कार्य शुरू किया गया है. शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को भी आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में आजमगढ़ जिले में एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है जिसके अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026 -27 में जनपद में 4.85 लाख महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा सकेगा.
महिलाओं को आर्थिक रूप से किया जा रहा मजबूत
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में स्वरोजगार शुरू करने के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है जिसके अंतर्गत जनपद में 30218 स्वयं सहायता समूह का गठन किया जाना है इसके अंतर्गत 4 लाख 85 हजार महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. बताते चलें कि वर्तमान में जनपद में 6854 स्वयं सहायता समूह का गठन किया जा चुका है जिसके जरिए लगभग 1 लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को इस मिशन से जोड़ा गया है.
स्वरोजगार के लिए दी जा रही ट्रेनिंग
इस अभियान में मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे परिवारों की महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जानी है, इसके तहत पात्र गृहस्थी तथा अंत्योदय राशन कार्ड धारक परिवारों की महिलाओं को इसका लाभ पहुंचाने के लिए विशेष रूप से उन्हें चिन्हित किया जा रहा है ताकि सबसे जरूरतमंद परिवारों कोई योजना का लाभ दिया जा सके और उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित हो सके. इस विषय पर जानकारी देते हुए उपायुक्त राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन डॉक्टर आराधना त्रिपाठी ने बताया कि स्वयं सहायता समूह के अंतर्गत महिलाओं को विभिन्न प्रकार के स्वरोजगार शुरू करने के लिए ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जा रही है.
जिसके अंतर्गत महिलाएं विभिन्न प्रकार के क्षेत्र में जुड़कर प्रशिक्षण प्राप्त करते हुए अपना रोजगार शुरू कर सकती हैं महिलाएं कृषि क्षेत्र से लेकर स्वास्थ्य क्षेत्र एवं खुद की कैंटीन आदि कवि संचालन शुरू कर सकती है इसके लिए उन्हें समूह के अंतर्गत मिलने वाले फंड के अतिरिक्त सीसीएल के जरिए मामले ब्याज पर 3 से 5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है जिसका लाभ प्राप्त करते हुए वह सौर ऊर्जा शुरू करते हुए अपने साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा सकती है.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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Azamgarh,Uttar Pradesh
First Published :
August 31, 2026, 14:21 IST

