सत्ता के गोद में बैठा व्यक्ति कभी लोकतंत्र का प्रहरी नहीं हो सकता

आज का मीडिया पूरी तरह से भ्रष्ट हो गया है देश में 80% मीडिया सरकार के जो पत्रकार जमीन लेकर बैठा हुआ है उसकी क्या जमीर होगी वह क्या सरकार और जनता की समस्याओं को उठाएगा सत्ता के गोद में बैठा हुआ व्यक्ति कभी लोकतंत्र का प्रहरी नहीं हो सकता आज का मीडिया पूरी तरह से भ्रष्ट हो गया है देश में 80% मीडिया सरकार के तलवे चाटती है 20% मीडिया विपक्ष के इसीलिए जनता की समस्याओं का हल नहीं होता पत्रकार मांग रहा है कल कोई दूसरा संगठन मांगेगा वकीलों को भी जमीन मिलना चाहिए कार्यकर्ताओं को भी मिलना चाहिए अलग-अलग क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को सबको मिलना चाहिए जो पत्रकार नहीं है उनको भी जमीन मिल गया है जिसे निधन का समाचार लिखने नहीं आता उनको भी जमीन मिल चुका है चपरासी को भी जमीन मिल चुका है पत्रकारिता की गरिमा तार-तार हो गई