
इंटक जिल अध्यक्ष संजय कुमार सिंह बिहार के बजट को हवा हवाई एवं झूठ का पुलिंदा बताया
जब प्रति व्यक्ति आय इतना है तो फिर राशन क्यों बाँट रही है सरकार इसका मतलब सरकार केवल कागज पर बिहार को आगे बढ़ाने का काम कर रही है जमीनी हकीकत कुछ और है जो पूरा देशवासी जानते हैं।।यदि प्रति व्यक्ति आय इतना होता तो प्रदेश में लोग 10,15 हजार की नौकरी की लालसा में ट्रेनों में भर भर कर नहीं जाते
जैसे शराब बंदी सिर्फ कागज पर है वैसे ही बिहार मे कागज पर प्रति व्यक्ति आय 73490 रुपया है।
बिहार में प्रति व्यक्ति कर्ज (Per Capita Debt)
बिहार के ताजा बजट और आर्थिक आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर, वर्तमान में प्रति बिहारी पर कर्ज का अनुमान लगभग ₹24,000 से ₹28,000 के बीच है।
10,000 ₹ जो चुनाव के पहले बांटे थे वो भी प्रति व्यक्ति 20,000 जोड़ लिया क्या या प्रवासी करोड़ों बिहारी मजदूरों का income भी जोड़ लिया
73 हजार प्रत्येक आदमी का आमदनी कहा से हो रहा है! बहुत मुश्किल से तो घर का खर्चा निकलना मुश्किल है! इन सब को 73हजार आय बता देना है बिहार में कौन सा रोजगार है जो हर आदमी 73 हजार कमाता है आय प्रमाण पत्र भी बनाने जाओ तो 1लाख का आय बना देता है ये नहीं जानता है कि इसके घर में सही से चूल्हा जलता है कि नहीं! और आय 73हजार प्रत्येक आदमी