
बजट को विधान परिषद सदस्य डॉ अजय कुमार सिंह ने आकंड़ों का खेल बताया
डॉ सिंह ने इस बजट को “दिशाहीन, जनविरोधी और केवल आंकड़ों का खेल” क।बिहार के वित्तीय वर्ष 2026-27 के 3.47 लाख करोड़ से अधिक के रिकॉर्ड बजट का विधान परिषद सदस्य डॉ अजय कुमार सिंह ने कड़ा विरोध किया है। डॉ सिंह ने इस बजट को “दिशाहीन, जनविरोधी और केवल आंकड़ों का खेल” करार दिया है। उनका आरोप है कि इसमें युवाओं, किसानों और गरीबों के लिए कोई ठोस योजना नहीं है, और यह बेरोजगारी व कर्ज के संकट को बढ़ाएगा।
दिशाहीन व जनविरोधी: श्री सिंह ने बजट को पूरी तरह दिशाहीन बताया है।
बेरोजगारी और निवेश: आरोप लगाया कि 20 साल के शासन में बिहार बेरोजगारी का गढ़ बना है और निवेश के मामले में अंतिम पायदान पर है।
बढ़ता कर्ज: राज्य पर कुल कर्ज पौने चार लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंचने और ब्याज के रूप में 21 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च करने का आरोप लगाया।
वादे अधूरे: पिछले वादों (रोजगार, उद्योग) को पूरा करने में विफलता का आरोप।
बुनियादी सेवाएं: स्वास्थ्य, शिक्षा और कानून-व्यवस्था में सुधार की ठोस योजना का अभाव।