
उदाकिशुनगंज रेल संघर्ष समिति का हुआ गठन, गौरव कबीर बने अध्यक्ष
अनुमंडल मुख्यालय स्थित एक एकेडमी में बुधवार को इलाके के लोगों की बैठक हुई। जिसमें अनुमंडल क्षेत्र को रेल सेवा से जोड़ने के लिए संघर्ष समिति का गठन किया गया। गठन प्रक्रिया के तहत सर्वसम्मति से संघर्ष समिति का गठन किया गया।
जिसमें व्यवपार संघ के अध्यक्ष विक्रम कुमार साह को संरक्षक, अरबिंद चौधरी को
संयोजक, बैजनाथ चौधरी को सह संयोजक, गौरव कबीर को अध्यक्ष, रवि राय को उपाध्यक्ष, प्रकास यादव को महासचिव,बसंत कुमार झा को सचिव,नीरज ऋषिकेश को प्रवक्ता चुना गया।
इससे पहले इस क्षेत्र की पुरानी लंबित रेल परियोजनाओं को पटल पर लोकतांत्रिक रूप से लाने के लिए सर्वसम्मति से रेल संघर्ष समिति उदाकिशुनगंज का गठन का प्रस्ताव रखा गया। बैठक में मौजूद व्यापार संघ के अध्यक्ष विक्रम साह ने बैठक में बिंदुओं को प्रस्तुत किया। जहां लोगों ने एक मत होकर गठन प्रक्रिया के तहत नामित संघर्ष समिति के पदाधिकारियों पर सहमति जताया।
उसके बाद संघर्ष समिति के सदस्यों ने रेल सेवा विस्तार प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए अध्यक्ष और संरक्षक को नामित किया गया। सदस्यों ने कहा कि उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र रेल यातायात के मामले में काफी पिछड़ा हुआ है। इलाके में रेल यातायात की सुविधा नहीं रहने से इलाके के आमजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस क्षेत्र में एक मात्र बिहारीगंज तक रेल सेवा है।
वह अंग्रेज के जमाने की ही व्यवस्था है। उसके आगे आजतक रेल सेवा का विस्तार नहीं हो पाया। जबकि इलाके में कई पुरानी रेल लाइन परियोजना लंबित है। इलाके के लोग लगातार रेल सेवा विस्तार की मांग करते रहे हैं। यधपि लोगों की चीर लंबित मांगे पूरी नहीं हो पाई है। इसके लिए संघर्ष करने की बात कही गई।
बताया गया कि बिहारीगंज से उदाकिशुनगंज होते हुए कोपरिया तक, नवगछिया से चौसा – पुरैनी – उदाकिशुनगंज – ग्वालपाड़ा – भीमपुर तक नई रेल लाइन की मांग दशकों से हो रहा है। पूर्व में कई रेल मंत्रियों द्वारा आश्वासन दिया गया है।
यधपि धरातल पर काम नहीं हो पाया। इस मामले में रेलमंत्री को पत्र लिखा जाए। संघर्ष समिति के सदस्य जल्द ही दिल्ली जाकर रेलमंत्री से मुलाकात कर परियोजना के संबंध में बात करेंगे।