रेल कनेक्टिविटी की मांग को मिला समर्थन, संघर्ष समिति को किया गया सम्मान

बिनोद आशीष ने बढ़ाया हौसला, रेलवे संघर्ष समिति को किया सम्मानित
लंबित रेल परियोजनाओं को लेकर रेलवे संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को मिला सम्मान, चेयरमेन बिनोद आशीष बोले,हम सब साथ हैं
अतुल्यम स्टेट मल्टी पर्पस को-ऑपरेटिव लिमिटेड के चेयरमेन बिनोद आशीष ने लंबित रेल परियोजनाओं को लेकर उदाकिशुनगंज में नवगठित रेलवे संघर्ष समिति की पूरी टीम को सम्मानित किया. इस अवसर पर उन्होंने समिति के संघर्ष और जनहित में उठाए जा रहे कदमों की सराहना करते हुए कहा कि रेल परियोजनाएं क्षेत्र के विकास की रीढ़ हैं और इसे लेकर हो रहा संघर्ष पूरी तरह जायज है. इस लड़ाई में हमलोग पूरी मजबूती से साथ हैं. चेयरमेन बिनोद आशीष ने अपने संबोधन में कहा कि वर्षों से लंबित रेल परियोजनाओं के कारण उदाकिशुनगंज समेत आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को आवागमन, रोजगार, व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. यदि रेल परियोजनाएं धरातल पर उतरती हैं तो क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी. उन्होंने कहा कि रेलवे संघर्ष समिति द्वारा नवगठन के साथ ही जिस संगठित तरीके से आवाज उठाई जा रही है. वह प्रशंसनीय है. उन्होंने आश्वासन दिया कि अतुल्यम स्टेट मल्टी पर्पस को-ऑपरेटिव लिमिटेड इस जनहित की लड़ाई में समिति को हरसंभव सहयोग देगा और संबंधित मंचों पर इस मांग को मजबूती से उठाया जाएगा. सम्मानित किए गए नवगठित रेलवे संघर्ष समिति के पदाधिकारियों में अंगरक्षक विक्रम कुमार साह, संयोजक अरविंद चौधरी, सह संयोजक बैजनाथ चौबरी, अध्यक्ष गौरव कबीर, उपाध्यक्ष रवि राय, महासचिव प्रकाश यादव, सचिव बसंत कुमार झा तथा प्रवक्ता नीरज ऋषिकेश सहित अन्य सदस्य शामिल रहे. सभी पदाधिकारियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया.
वहीं रेलवे संघर्ष समिति के अध्यक्ष गौरव कबीर ने कहा कि रेलवे संघर्ष समिति का उद्देश्य केवल मांग उठाना नहीं, बल्कि जनहित से जुड़े इस मुद्दे को सरकार और रेलवे प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाना है. उन्होंने कहा कि जब तक लंबित रेल परियोजनाओं को स्वीकृति नहीं मिलती और कार्य प्रारंभ नहीं होता, तब तक समिति शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी. वहीं रेलवे संघर्ष समिति के सदस्यों ने सम्मान के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे समर्थन से आंदोलन को नई ऊर्जा मिलती है और वे तब तक संघर्ष जारी रखेंगे, जब तक लंबित रेल परियोजनाओं को धरातल पर नहीं उतारा जाता. मौके पर अजय खुशबू,बसंत कुमार झा,रवि रॉय,समरेंद्र कुमार,सनोज कुमार,कैंसर अली सहित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता एवं समिति समर्थक उपस्थित थे.